
काटोल प्रतिनिधि
काटोल-नरखेड़ विधानसभा क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री के नाम उपविभागीय अधिकारी, काटोल के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। आप के राज्य सचिव सुनीलदादा वडस्कर की उपस्थिति में जिलाध्यक्ष वृषभ वानखेडे के नेतृत्व में यह ज्ञापन दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2026 के मानसून में 30 अगस्त तक विधानसभा क्षेत्र में मात्र 125 मिमी बारिश हुई है, जबकि क्षेत्र का वार्षिक औसत वर्षा स्तर करीब 876 से 1100 मिमी है। इसके मुकाबले इस वर्ष बारिश की भारी कमी के कारण किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

बारिश के अभाव में सोयाबीन, कपास, तुअर, मूंगफली, सब्जियों के साथ ही संतरा और मौसंबी जैसी प्रमुख फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सोयाबीन की वृद्धि रुक गई है और फलियों में दाने भरने पर असर पड़ा है। कपास में पत्तियां और पाते गिरने लगे हैं। वहीं संतरा-मौसंबी के फलों की बड़े पैमाने पर गिरावट होने से बागवान किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कम बारिश के कारण क्षेत्र के तालाबों और बांधों में भी पर्याप्त जलसंचय नहीं हो पाया है। इससे काटोल-नरखेड़ क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके अलावा कई गांवों में वन्यप्राणियों के बढ़ते उपद्रव के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। किसानों ने वन्यप्राणियों से सुरक्षा और नुकसान की भरपाई की भी मांग की है।
किसानों के लिए 17 मांगें
आप की ओर से काटोल-नरखेड़ को सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ ही बारिश की कमी से प्रभावित किसानों को कम से कम 1 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की मांग की गई। वन्यजीवों से हुए फसल नुकसान का पंचनामा कर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने, संतरा-मौसंबी सहित अन्य फल बागानों के नुकसान की भरपाई करने की मांग भी ज्ञापन में की गई।
इसके अलावा किसानों की कर्जमाफी तत्काल लागू करने और कर्ज का पुनर्गठन करने, कृषि पंपों के बिजली बिल माफ करने तथा बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। शासन की ओर से मंजूर होने वाली सहायता सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों के बैंक खातों में जमा करने की मांग सहित कुल 17 मांगें शासन के समक्ष रखी गईं।
इस अवसर पर भूषण ढाकुलकर, डॉ. कैलाश कडू, अहमद कादर, प्रकाश पाटील बोंद्रे, बाबाराव भोयर, अमोल गौरखेडे, अमोल भक्ते, निलेश पेठे, महादेवराव नखाते, धनराज तुमराम, कृष्णाजी डफरे, राजेंद्र ठाकरे, जयश्रीताई बंड, रोशनीताई बाजनघाटे, उत्तमराव वानखेडे, अंगदजी भैसवार, डॉ. गजभिये, गजानन बोंद्रे, केतन वानखेडे, कृष्णाजी ठाकरे, दिलीपजी वैद्य, गिरीश शेंडे, रामरावजी भाकरे, प्रशांत तागडे, ज्ञानेश्वर तिडके, प्रशांत घाडगे, गजानन धोटे, भोजराज मोहरीया, प्रकाशजी देशभ्रतार, सुनील गायकवाड, मंगेश चौधरी, विकास गिरे, निशांत गजभिये, विनोद क्षीरसागर सहित काटोल-नरखेड़ क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित थे।

